ख्याल से ख्बाव….(कविता) कुछ ख्बाव है कोई ख़याल है .. इसलिए शायद आज भी मै तेरे ही नाम से जाना जाता हूँ लेकिन तूने …… मिटटी पे मेरा नाम लिख कर हवा में उड़ा दिया ….. मैं उस रंग को भी नही भुला…. मेरा नाम मिटाते वक्त जो तेरे चहेरे का रंग था वो आज भी याद है मुझे मैने …
ख्याल…Sanjiv Shaad

