खुला निमंत्रण……….. हँसना जरूरी है ……मना तो बिलकुल भी नही तुम मेरे पे खुल के खिलखलाकर हँस सकते हो अंदर ही अंदर क्यों हसंते हो …. शायद याद भी नही कब खुल के हँसे थे मिल कर अक्सर हमारे जीवन में कुछ पल ऐसे भी होते है उन पलों में खुद पे हँसी आती है लेकिन हम दबा लेते है …
हास्य स्वभाव स्वस्थ जीवन की खुराक

