Home News Point डॉ विक्रम मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किडनी डोनर सम्मान एवं किडनी स्वास्थ्य जागरूकता समारोह का आयोजन

डॉ विक्रम मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किडनी डोनर सम्मान एवं किडनी स्वास्थ्य जागरूकता समारोह का आयोजन

1 second read
0
0
87
समारोह में 24 किडनी डोनर्स सम्मानित,  75 प्रतिशत महिलाओं ने अपने सगे संबंधियों को अंगदान कर जीवन में रिश्तों की अहमियत को किया साबित
डबवाली डॉ विक्रम मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किडनी डोनर सम्मान एवं किडनी स्वास्थ्य जागरूकता समारोह का आयोजन कॉलोनी रोड पर स्थित बीएसके कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन में किया गया। समारोह में मुख्य वक्ता किडनी रोग विशेषज्ञ रोटेरियन डॉक्टर संदीप चौहान, विशिष्ट अतिथि डा. किरण कुमार, डॉ विक्रम मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि डॉक्टर पीके अग्रवाल, कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान एडवोकेट सुभाष गुप्ता व प्रिंसिपल पूनम गुप्ता ने ज्योति प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नरेश शर्मा ने सुंदर भजन सुनाकर माहौल को सकारात्मक रंग दिया।

सबसे पहले डा. एमएस बाघला ने अतिथियों का परिचय देते हुए कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों का स्वागत किया। इस मौके पर संबोधन में मुख्य वक्ता डा. संदीप चौहान ने बहुत ही सरल भाषा में किडनी रोगों के कारण एवं बचाव उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किडनी फेलियर को रोकने के लिए हमें हाई ब्लड प्रेशर, शुगर रोग एवं गुर्दे की पथरी का समय पर इलाज करवाना चाहिए। उन्होंने किडनी को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान से संबंधित जानकारी भी साझा की व ऑर्गन डोनेशन के बारे में भी अहम जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि अपना शरीर छोड़ते हुए भी शरीर के विभिन्न अंगों को दान कर  हम नौ लोगों की जिंदगी रोशन कर सकते हैं। गेस्ट ऑफ़ ओनर डॉ किरण अरोड़ा ने भी अंगदान के बारे में अहम जानकारी देते हुए बताया कि  अंगदान के लिए हम कैसे अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं?

इस मौके पर डॉ विक्रम मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि डॉक्टर पीके अग्रवाल ने बताया कि समारोह में 24 ऑर्गन डोनर्स को ट्रस्ट की ओर से सम्मानित किया। उन्होंने बताया डबवाली की बेटी प्रियंका ने अपनी सास को अपना आधा लीवर डोनेट कर सास बहू के रिश्ते को एक नया आयाम दिया है। प्रियंका ने साबित किया कि सास बहू का रिश्ता मां बेटी के रिश्ते से भी बढ़कर हो सकता है। वहीं, रमनदीप ने अपने पति को अपनी एक किडनी डोनेट कर उसकी जान बचाई और पति पत्नी के रिश्ते को भावनात्मक मजबूती देते हुए यह साबित किया कि पत्नी को पति की अर्धांगिनी क्यों कहा जाता है।

इसी प्रकार अन्य ऑर्गन डोनर्स ने भी अपने प्रियजनों के लिए किडनी डोनेट कर उनकी जान बचाई है। डॉ. पीके अग्रवाल ने बताया कि अंगदान डोनर्स में 75 प्रतिशत महिलाओं ने अपने सगे संबंधियों को किडनी डोनेट कर जीवन में रिश्तों की अहमियत को साबित किया। उन्होंने आह्वान किया कि हम सबको  ऑर्गन डोनेशन के लिए नोटो के तहत रजिस्ट्रेशन करवा कर विकसित देश की तरह अंग प्रत्यारोपण की मुहिम को आगे बढ़ाना चाहिए। डा. अग्रवाल ने लघु कविता के माध्यम से भी अंगदान पर प्रकाश डाला। अंत में डा. अग्रवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों व अन्य लोगों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में मंच का संचालन सुप्रसिद्ध रंग कर्मी संजीव शाद ने किया। समारोह में नगरपरिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा संदीप चौधरी, सरबजीत मसीतां, डॉ गुलाटी, डॉ दिलीप गुप्ता, संदीप गर्ग, अग्रवाल सभा के प्रधान सतीश गर्ग केपी, डॉ शोभाराम , डा कंवर सिंह, परविंद्र अरोड़ा, डॉ वरुण जिंदल, कॉलेज प्रबंधक समिति के सदस्य अरुण जिंदल व बड़ी संख्या में शहर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

सख़्त राहों में आसां सफर लगता है ये मेरी मां की दुआओं का असर लगता है- डॉ वेदप्रकाश भारती

  मां ममता की मूर्त है और त्याग और तप की देवी है, मां की ममता में कोई मिलावट नहीं होत…