Home News Point डबवाली में 2 अगस्त को आयोजित होगा पंजाबी विरासत, संस्कृति और सम्मान का संगम तीज उत्सव

डबवाली में 2 अगस्त को आयोजित होगा पंजाबी विरासत, संस्कृति और सम्मान का संगम तीज उत्सव

2 second read
0
0
23

 

डबवाली वरच्युस क्लब और बाबू नानक चंद मेमोरियल बाल मंदिर स्कूल प्रबंधक कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में 2 अगस्त को एक भव्य तीज उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह उत्सव बाल मंदिर स्कूल प्रांगण में सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य पंजाबी लोक विरासत को जीवंत करना और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ना है.

स्कूल प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष नीरज जिंदल ने बताया कि इस उत्सव में बाल मंदिर स्कूल की छात्राएं, उनकी माताएं और डबवाली की अन्य आमंत्रित महिलाएं बड़ी संख्या में भाग लेंगी. यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और परंपराओं का संगम होगा। उत्सव में स्कूली छात्राओं के लिए विशेष रूप से मेहंदी प्रतियोगिता और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। ये प्रतियोगिताएं न केवल उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देंगी बल्कि उन्हें अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर भी देंगी। इसके साथ ही उत्सव स्थल पर बेटियों और महिलाओं के झूला झूलने के लिए पींग (पारंपरिक झूला) की व्यवस्था होगी, जो मेले के पारंपरिक माहौल को और भी जीवंत बनाएगी। एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसमें पंजाबी विरासत की झलक देखने को मिलेगी, जिससे लोग पंजाब की समृद्ध संस्कृति और जीवनशैली से परिचित हो सकेंगे।

क्लब के पीआरओ सोनू बजाज ने जानकारी दी कि इस विरासती उत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से पद्मश्री गायिका स्वर्गीय गुरमीत बावा की बेटी गलोरी बावा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। वह अपनी मधुर आवाज में पंजाबी लोक गीतों, बोलियों और विरासती गीतों से ओतप्रोत एक संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी, जो निश्चित रूप से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देगा. इसके अलावा, पंजाब के प्रसिद्ध लोक नृत्य जैसे लुड्डी और गिद्धा के साथ-साथ अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियां भी कलाकारों द्वारा पेश की जाएंगी, जो उत्सव में चार चाँद लगा देंगी और दर्शकों को अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका देंगी। प्रसिद्ध रंग कर्मी संजीव शाद इस कार्यक्रम का संचालन करेंगे।

इस अवसर पर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा. पंजाब के सुप्रसिद्ध नाटककार स्वर्गीय अजमेर सिंह औलख की धर्मपत्नी, जानी-मानी रंग कर्मी और फिल्म कलाकार मनजीत औलख को वरच्युस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके कला और संस्कृति के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को समर्पित होगा। इसके अतिरिक्त, उत्सव के दौरान समाज की वयोवृद्ध महिलाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल उनके अनुभव और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका है, जो समाज में वरिष्ठ नागरिकों के महत्व को दर्शाती है।

यह तीज उत्सव डबवाली में पंजाबी संस्कृति, कला और परंपराओं को बढ़ावा देने, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सामुदायिक सौहार्द को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

अखिल भारतीय सेवा संघ द्वारा दूसरा विशाल निशुल्क आंखों की जांच एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर आयोजित – 250 मरीजों की हुई जांच, 50 तक मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित

  डबवाली शहर की सामाजिक संस्था अखिल भारतीय सेवा संघ द्वारा रविवार को कॉलोनी रोड स्थित…