Home News Point साध्वी कालिंदी भारती जी ने उपस्थित भक्तों के समक्ष भक्त मीरा जो भगवान श्री कृष्ण जी के अन्नय भक्त थे, उनकी जीवन गाथा का वर्णन किया।

साध्वी कालिंदी भारती जी ने उपस्थित भक्तों के समक्ष भक्त मीरा जो भगवान श्री कृष्ण जी के अन्नय भक्त थे, उनकी जीवन गाथा का वर्णन किया।

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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा कम्यूनिटी हॉल, नजदीक गौशाला,मंडी डबवाली में पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा का आयोजन किया गया। *पांचवे दिन* की कथा में मुख्य यजमान अभय सिंगला सपरिवार, अमित गुप्ता सपरिवार, ओम प्रकाश सिंगला, राकेश शर्मा शर्मा स्वीट्स, नितिन गुप्ता सपरिवार जी ने प्रभु का पूजन किया।
कथा के अंतिम दिवस पर सर्व श्री आशुतोष जी महाराज जी की परम शिष्या साध्वी कालिंदी भारती जी ने उपस्थित भक्तों के समक्ष भक्त मीरा जो भगवान श्री कृष्ण जी के अन्नय भक्त थे, उनकी जीवन गाथा का वर्णन किया। साध्वी जी ने कहा जन्म से ही परमात्मा ने इंसान को प्रेम की दौलत दे कर भेजा है। जीवन के मरूस्थल मे जब प्रेम की बरसात होती है तो इंसान के उजड़े चमन मे बंसत बहार आ जाती है। मनुष्य के अतिरिक्त पशु पक्षी भी प्रेम करते है। जिन में से कुछ एक का प्रेम तो जगत प्रसिद्ध है। जैसे मछली का पानी के साथ, चकोर का चंद्रमा से, चात्रिक पक्षी का स्वाती नक्षत्र की बूंद से, परन्तु यह सब प्रेम एक तरफ का प्रेम है। और इसका अधार मोह है ,बंधन है ।जबकी प्रेम शुद्ध और पुनीत होता है, बंधनमुक्त होता है।


प्रेम केवल भक्त और भगवान के बीच ही होता है। प्रेम का महादान पाने के लिए भगवान निराकार से साकार हो जाते है। धन्ना जाट, मीरां बाई, नामदेव, गोपियां ये ऐसे भगवान श्री कृष्ण के अन्नय भक्त हुए हैं। जिसके प्रेम वश प्रभु इनके समक्ष-समय समय पर प्रकट हो जाते थे। इन सब भक्तों का नाम स्मरण करने पर हमारे अन्त: करण से भी यह भाव प्रस्फुटित होते हैं कि हमारे भीतर इन भक्तों की तरह कैसे प्रेम प्रकट होगा। रूकमणी विवाह भी बहुत धूम धाम से मनाया गया ।

कथा में आज मुख्य अतिथि सुनीता दुगल MP सिरसा, टेक चंद छाबड़ा चेयरमैन नगर परिषद् मण्डी डबवाली, डॉ पूनम वधवा, कंचन वधवा, डॉ शोभा राम गोयल, शैलेंद्र प्रताप सिंह डायरेक्टर वी आर सी कंपनी एवं उनकी धर्म पत्नी रागनी सिंह, उधम सिंह महा प्रबंधक एवं उनकी धर्म पत्नी नीलम, गुरविंदर सिंह सिद्धू सपर्व रिजॉर्ट, दीपक अरोड़ा ऐलनाबाद शहीद भगत सिंह वैल फेयर सोसाइटी, पत्रकार बंदू रवि मोंगा, संजीव शाद, नरेश चोपड़ा, प्रशोतम लाल बजाज जी ने प्रभु चरणों में ज्योति प्रज्वलित करने की रसम को अदा किया। कथा को विराम प्रभु की पावन आरती कर दिया गया।

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