Home News Point वरच्युस क्लब के स्थायी प्रकल्प कला कुंज के कलाकारों ने भाई कन्हैया आश्रम सिरसा में आयोजित तीज उत्सव में परंपरागत लोक गीतों व नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ सावन की अनूठी छटा बिखेरी।

वरच्युस क्लब के स्थायी प्रकल्प कला कुंज के कलाकारों ने भाई कन्हैया आश्रम सिरसा में आयोजित तीज उत्सव में परंपरागत लोक गीतों व नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ सावन की अनूठी छटा बिखेरी।

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तीज उत्सव में विरासत के रंग भाई कन्हैया आश्रम सिरसा के संग..

 

नगर की प्रमुख संस्था वरच्युस क्लब के स्थायी प्रकल्प कला कुंज के कलाकारों ने भाई कन्हैया आश्रम सिरसा में आयोजित तीज उत्सव में परंपरागत लोक गीतों व नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ सावन की अनूठी छटा बिखेरी।
क्लब के पीआरओ नरेश शर्मा ने हम को मन की शक्ति देना..व आश्रम के विशेष बच्चो ने तेरे रंग न्यारे दातेया…व जसदीप रसदीप ने अरदास के साथ कार्यक्रम का भक्तिमय आगाज किया।

इस मौके पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सलोनी गुप्ता मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे ।आश्रम के सेवादार कुलदीप जांदू ने उनका स्वागत किया।

सिरसा के बंटी राठौड़ ने इक प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है, जिंदगी और कुछ भी नही तेरी मेरी कहानी है , महक भारती ने लठ्टे दी चादर, जूती कसूरी व जुगनी गाई जबकि कला कुंज के कलाकार जसदीप व बेबी हरहुनर कौर ने दस मेरेया हानियां वे…., शिव सागर व सागर शिव ने चल जिंदिये दूर किते.. आदि पंजाबी गीत गाकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। लोकगायक मनजिंदर ने रोटी व रवि गिल ने रहन बसदियां रबा वे मेरे पिंड दिया कुड़ियां, वंदना वाणी ने मैनु सोने दिया डंडियां मंगवादे व दमादम मस्त कलन्दर….सुना कर पंजाबी विरासत की याद ताजी कर दी। आश्रम के बच्चों ने गिद्दा व भंगड़े की शानदार प्रस्तुति पेश करके दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया।
प्रधान मनोज शर्मा ने वरच्युस क्लब की गतिविधियों व कार्यशैली के बारे में विस्तार से बताया।

वरिष्ठ सदस्य डॉ बीर चंद गुप्ता ने प्रकल्प कला कुंज के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान दौर में अपनी विरासत ओर लोक शैली को बचाने के लिए मंच ही सशक्त माध्यम है। वरच्युस क्लब द्वारा कला कुंज प्रकल्प के माध्यम से उभरते हुए फनकारों, लेखकों व गायकों को मंच प्रदान किया जाता है ताकि युवापीढ़ी अपनी संस्कृति व परंपराओं के बारे में जान सकें। इस अवसर पर सभी दर्शकों के लिए खीर व गुलगले का लंगर भी लगाया गया।

मंच संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद ने अपने मनमोहक अंदाज में किया। आश्रम के मुख्य सेवादार भाई गुरविंदर सिंह ने कहा कि ट्रस्ट बेसहारा लोगों का सब लोगों के सहयोग से सहारा बना है। फीस फ्री स्कूल खोलकर सैकड़ों बच्चो को शिक्षा देते हुए शिक्षा के अभिप्राय शिक्षार्थ आइए-सेवार्थ जाइये के मिशन को पूरा किया जा रहा है। इसके लिए समाज के लोगों का तन मन धन से सहयोग मिल रहा है।

इस अवसर पर क्लब सचिव रमेश सेठी के अलावा तीर्थ सिह, कुलवंत सिंह, ऋषि पाल जिंदल, गुरशरण सिंह कालरा, बलराज सिंह बाजवा, अर्जुन शर्मा, हरदेव सिंह , प्रिंसिपल बलजीत कौर, सुखदेव ढ़िल्लों व छात्र छात्राओं के सैकड़ों अभिवावक भी मौजूद थे।

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