संडे थियेटर में हुआ नाटक ‘बेबाक मंटो’ का मंचन रोहतक, 12 अप्रैल। “ज़माने के जिस दौर से हम इस वक्त गुज़र रहे हैं अगर आप उससे अनजान हैं तो मेरे अफसाने पढ़िए। अगर आप इन अफसानों को बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो इसका मतलब है कि यह ज़माना नाकाबिले बर्दाश्त है।… मैं इस सभ्य सोसायटी की चोली क्या उतारूंगा, जो …

