तुम जहाँ कही भी हो बस घर लौट आओ क्योकिता उम्र सफर में ही गुजरी है हम आपने शहर में होकर भी आपने घर में नही होते घर और दरआना ही पड़ता है अक्सर मैं शाम को या देर रात को घर लौटता हूँऔर घर में होकर भी घर में नही होता तब वो मेरे पास आती है और धीरे …
तुम जहाँ कही भी हो बस घर लौट आओ क्योकिता उम्र सफर में ही गुजरी है हम आपने शहर में होकर भी आपने घर में नही होते घर और दरआना ही पड़ता है अक्सर मैं शाम को या देर रात को घर लौटता हूँऔर घर में होकर भी घर में नही होता तब वो मेरे पास आती है और धीरे …
तुम उदास क्यों हो पूछा है उसने मुझ से ……बस …..और कहा की कभी कभी उदास भी होना चाहिये जरूरी है उदासी खालीपनऔर मौन अहसास ……………….कुछ न समझ आना और तेरा पुछनाक्यों……..और मैं शीशे के सामने खड़ा हो गया और मुझे इक जबाब मिला की मैं उदास क्यों हूँ मै उदास हूँ परेशान नहीमेरे आसपास है मेरी कविता मेरा गीत …
तुम उदास क्यों हो पूछा है उसने मुझ से ……बस …..और कहा की कभी कभी उदास भी होना चाहिये जरूरी है उदासी खालीपनऔर मौन अहसास ……………….कुछ न समझ आना और तेरा पुछनाक्यों……..और मैं शीशे के सामने खड़ा हो गया और मुझे इक जबाब मिला की मैं उदास क्यों हूँ मै उदास हूँ परेशान नहीमेरे आसपास है मेरी कविता मेरा गीत …
सच मैं जिंदगी में डूब कर अंत तक जीना चहाता हूँ बस दुनिया मुझे किस नज़रिये से देखती ये देखने वाली आँख है मेरे पास चिंता नही चिंतन है। हथियार नही विचार हैपर रात नही ख्बाव है और यकीन मानो मैं अकेला नही मेरे पास सिर्फइक कलम है पत्नी जैसीकविता जैसी बेटी गीत जैसा बेटा गजल जैसा घर और कहानी …
सच मैं जिंदगी में डूब कर अंत तक जीना चहाता हूँ बस दुनिया मुझे किस नज़रिये से देखती ये देखने वाली आँख है मेरे पास चिंता नही चिंतन है। हथियार नही विचार हैपर रात नही ख्बाव है और यकीन मानो मैं अकेला नही मेरे पास सिर्फइक कलम है पत्नी जैसीकविता जैसी बेटी गीत जैसा बेटा गजल जैसा घर और कहानी …
बस बिना कारण के मुस्कराये ……..अभी इस पलऔर खुद से मिल करखुद को जानो रुको मंजिल है ही नही बस यात्रा है बे-मतलब की बे अर्थो कीसिर्फजन्म है मौत तक बाकि सब जोड़ तोड़ गुना भाग और भागम भाग समझो और इक पल आपने आप पेसिर्फ मुस्करा दो औरखुदको खुद से पा लो .क्योकि हम आदमी है सड़क के ……..Smile …
बस बिना कारण के मुस्कराये ……..अभी इस पलऔर खुद से मिल करखुद को जानो रुको मंजिल है ही नही बस यात्रा है बे-मतलब की बे अर्थो कीसिर्फजन्म है मौत तक बाकि सब जोड़ तोड़ गुना भाग और भागम भाग समझो और इक पल आपने आप पेसिर्फ मुस्करा दो औरखुदको खुद से पा लो .क्योकि हम आदमी है सड़क के ……..Smile …
खुद में खुद को ढूंढता हूँ….आज खुद की तलाश में निकला हूँ कभी किसी को मैं मिलु तो मुझे …..मुझ से मिलाना Sanjivv Shaad है मेरा नाम वैसे कोई नाम नही है इक पहचान है ……कभी कभी मुखोटों की भीड़ में लगता है इक सिर्फ मुखोटा है…….shaad (इक निजी विचार है जो कभी कभी खुद से सवाल करत है)
खुद में खुद को ढूंढता हूँ….आज खुद की तलाश में निकला हूँ कभी किसी को मैं मिलु तो मुझे …..मुझ से मिलाना Sanjivv Shaad है मेरा नाम वैसे कोई नाम नही है इक पहचान है ……कभी कभी मुखोटों की भीड़ में लगता है इक सिर्फ मुखोटा है…….shaad (इक निजी विचार है जो कभी कभी खुद से सवाल करत है)
इक उम्र और ख्बाव और अहसास व्अपनापनजैसे कुछ शब्द जब मेरे आसपास होते है तो मैं खुद को खुदा समझता हूँवापिस लौट जाता हूँ उसी मुहल्ले की गली में जहां बचपन में बरसात होती थी और मैं भीगता नही नहाता था पानी में अपने पैरो को जोर जोर से पटकता था जो पानी उस वक्त उछलता था वो ही मेरी …
बाल मंदिर स्कूल के प्रांगण में 46 वें वार्षिक उत्सव के भव्य एवं गौरवशाली …
गुरु नानक कॉलेज किल्लियांवाली के पूर्व छात्र संघ की वार्षिक आम बैठक 14 नवंबर …
डबवाली शहर के कॉलोनी रोड स्थित श्री अन्नपूर्णा हनुमान मंदिर के समीप स्थित सम्राट …
A YouTube Channel by a Theater artist, Choreographer, Mentor, Motivational Spraker Sanjeev Shaad of M.Dabwali for providing an open platform to everyone who has something to say,to share,to explore with the Society. This channel is also a medium to highlight and sharp your God- gifted virtues with each other, following the mission to appreciate and highlight the hidden talent.