सिरसा: 28 सितंबर: मौजूदा परिवेश में जहां बाज़ारवाद व उपभोक्ता संस्कृति ने जनपक्षीय संस्कृति को गंधला दिया है वहां युवा वर्ग को दिशा विहीन करने के कुत्सित प्रयास भी जारी हैं; ऐसे में प्रति-संस्कृति का सृजन करते हुए जनपक्षीय संस्कृति को प्रोत्साहित करना ही शहीद-ए आज़म भगत सिंह सरीखे क्रांतिवीर देश भक्त समाजशास्त्रियों के प्रति नमन होगा और यही उन्हें …

