हर एक मोड़ पर बहुत तंग है जिंदगी। हर रोज़ खुद से ही एक जंग है जिंदगी। यह पंक्तियाँ महज़ कविता नहीं, बल्कि आज की सच्चाई हैं। हम सब अपनी-अपनी दुनिया में जीते हुए भी रोज़ किसी न किसी अदृश्य लड़ाई से गुजर रहे हैं। कोई कामयाबी के पीछे भाग रहा है, कोई रिश्तों की उलझनों में फँसा है, कोई …

