सिरसा – लेखन सौंदर्यबोध से उपजता है उसके लिए सामाजिक समानता , स्वतंत्रता , सद्भाव जरूरी है । ये शब्द प्रगतिशील लेखक संघ , सिरसा एवं पंजाबी लेखक सभा , सिरसा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘ विमर्श , लोकर्पण एवं काव्य -गोष्ठी ‘ कार्यक्रम में ‘वर्तमान में लेखकीय जिम्मेदारियां ‘ विषय पर बोलते हुए प्रो हरभगवान चावला ने कहे …

