घरफूंक थियेटर फेस्टिवल – नाटक ‘पतझड़ के बाद’ ने दी परिवार से ठुकराए बुजुर्गों की पीड़ा को अभिव्यक्ति रोहतक, 7 दिसम्बर। कई बार ज़िंदगी के कड़वे अनुभव या हमारे भीतर का डर इतना हावी हो जाता है कि हम लंबे पतझड़ के बाद आई बहार को भी स्वीकार नहीं कर पाते। यही सच घरफूंक थियेटर फेस्टिवल में हुए इस …

